जयपुर, 28 अगस्त। राज्य कर्मचारियों के फर्जी मेडिकल बिल और डॉक्टर की पर्चियां बनाकर लाखों रुपये की सरकारी राशि का गबन करने वाले आरजीएचएस घोटाले का बड़ा आरोपी गिरफ्तार हुआ है। झालावाड़ पुलिस ने ₹25,000 के इनामी सहकारी उपभोक्ता मेडिकल स्टोर संचालक कमलेश राठौर को पीथमपुर (इंदौर से 40 किमी दूर) से गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि राजकीय सैटेलाइट अस्पताल, झालरापाटन में फर्जी ओपीडी पर्चियों और बिलों के जरिए सरकार को चूना लगाया जा रहा था। गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब एक फर्जी पर्ची पर दवाओं के बिल भुगतान के लिए सीएमएचओ कार्यालय भेजा गया। जांच में धांधली सामने आने पर डॉक्टर से पूछताछ की गई और मामला उजागर हुआ।
पुलिस ने पहले ही संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। जांच में सामने आया कि कमलेश राठौर और राहुल जैन ने मिलकर फर्जी पर्चियां बनाईं और डॉक्टर की सील व हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर महंगी दवाइयों व जांचों के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने इनाम घोषित कर विशेष टीम बनाई, जिसमें एएसपी चिरंजीलाल मीणा, डीएसपी हर्षराज सिंह खरेड़ा सहित हेड कांस्टेबल मनेन्द्र चौधरी, गौतम चंद, कांस्टेबल मांगीलाल, सुरेश और साइबर थाना से रवि सेन शामिल रहे। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है ताकि अन्य आरोपियों तक भी पहुंचा जा सके।


