जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने मंगलवार 26 अगस्त 2025 को एक अहम आदेश में पाली निवासी अफसाना बानो को बड़ी राहत दी है। अफसाना बानो (पत्नी मोहम्मद यासीन, उम्र 39 वर्ष, जंगीवाड़ा, पाली) ने भारतीय स्टेट बैंक द्वारा उनके खाते को फ्रीज किए जाने के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति कुलदीप माथुर की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आकाश गोयल और रज्जब अली ने पक्ष रखा। अफसाना बानो ने अपनी याचिका में मांग की थी कि बैंक द्वारा उनके खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई को रद्द किया जाए, ताकि वे अपने पैसों का इस्तेमाल कर सकें।
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि –
बैंक केवल उस राशि को फ्रीज रखेगा, जिसे पुलिस/जांच अधिकारी “विवादित” या “अवैध तरीके से जमा” मानते हैं।
बाकी रकम से अफसाना बानो को अपने खाते में लेनदेन की पूरी छूट होगी।
यदि पुलिस/जांच अधिकारी विवादित राशि की सही जानकारी बैंक को नहीं देते हैं, तो बैंक को पत्र भेजकर 7 दिनों में जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
सात दिन में कोई जवाब नहीं मिलने पर बैंक को आदेशानुसार शेष रकम पर रोक हटाकर लेनदेन की सुविधा देनी होगी।
अदालत ने यह भी साफ किया कि संबंधित जांच अधिकारी का दायित्व होगा कि वह बैंक को समय पर विवादित राशि की जानकारी दे।
हाईकोर्ट के इस फैसले से अफसाना बानो को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब वे अपने पैसों का इस्तेमाल कर सकेंगी। साथ ही यह आदेश उन सभी मामलों में मिसाल बनेगा, जहां जांच के नाम पर पूरे खाते को फ्रीज कर दिया जाता है। पाली की अफसाना बानो का बैंक खाता फ्रीज होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने बैंक को केवल “विवादित राशि” तक ही कार्रवाई सीमित रखने और शेष रकम पर याचिकाकर्ता को लेनदेन की सुविधा देने के आदेश दिए।

