जयपुर/भरतपुर। बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को राजस्थान उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। भरतपुर में दर्ज एफआईआर पर अदालत ने रोक लगाते हुए दोनों सितारों को अंतरिम राहत प्रदान की।
यह मामला एक स्थानीय वकील कीर्ति सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्होंने जो कार खरीदी उसमें खामियां थीं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। उनका कहना था कि शाहरुख और दीपिका, जो इस कार कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं, उनके विज्ञापनों ने उपभोक्ताओं को गुमराह किया।
अदालत में क्या हुआ?
शाहरुख खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि एक्टर का कार की खामियों से कोई सीधा संबंध नहीं है और ब्रांड एंबेसडर को इस तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि विज्ञापन का मतलब उत्पादन या गुणवत्ता की जिम्मेदारी लेना नहीं होता।
दीपिका पादुकोण की ओर से वकील माधव मित्रा ने भी यही तर्क रखा कि अभिनेत्री का न तो उत्पादन प्रक्रिया से और न ही गुणवत्ता नियंत्रण से कोई वास्ता है।
शिकायत पर बचाव पक्ष का तर्क
बचाव पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि शिकायतकर्ता लगभग तीन साल से कार चला रहे थे और अब तक 67,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं। ऐसे में गाड़ी की गुणवत्ता को लेकर यदि कोई आपत्ति थी, तो मामला उपभोक्ता अदालत में उठाया जाना चाहिए था, न कि ब्रांड एंबेसडर्स पर आरोप लगाया जाए।
अदालत का फैसला
जोधपुर में मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुदेश बंसल ने माना कि एफआईआर में कोई ठोस तथ्यात्मक आधार नहीं है। उन्होंने शाहरुख, दीपिका और कंपनी के छह अधिकारियों को राहत देते हुए एफआईआर पर रोक लगाने का आदेश दिया।
अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

