in

सोजत: हिंदी भाषा नैतिक,सामाजिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की संवाहक है- सुरेश ओझा।

सोजत। वरिष्ठ नागरिक समिति सोजत के तत्वावधान में हिंदी दिवस पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष सुरेश ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी भाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम ही नहीं बल्कि हमारे नैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्य की संवाहक भी है।भाषा के बिना किसी राष्ट्र का निर्माण एवं प्रगति संभव नहीं है।

विचार गोष्ठी में शिक्षाविद् महेंद्र मेहता ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक भाषा की अपनी प्रकृति होती है। भाषा से ही समाज के ताने-बाने का निर्माण होता है। हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसका सम्मान हमारा नैतिक कर्तव्य है। इस अवसर पर शिक्षाविद् लक्ष्मण राम पालड़िया ने कहा कि भाषा के बिना किसी सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। हमें हिंदी भाषा पर गर्व है। इस अवसर पर साहित्यकार डॉ. रशीद ग़ौरी ने कहा कि भारतीय सभ्यता- संस्कृति को जीवित रखने और उसकी अखंड राष्ट्रीय भावना को पुष्ट करने के लिए हिंदी भाषा का योगदान अतुल्य है।

विचार गोष्ठी में ओमप्रकाश मोयल ने हिंदी भाषा को लोगों के बीच संचार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। इस अवसर पर पूर्व फौजी अशोक सेन, हीरालाल आर्य, श्यामलाल परिहार, शिवलाल जोशी, मोहनलाल राठौड़ तथा प्रभुलाल रांगी आदि बुद्धिजीवियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समस्त भाषाओं में सिरमौर हमारी मातृभाषा हिंदी राष्ट्र के दिल की धड़कन है। हमारा गौरव है।

हिंदी दिवस पर आयोजित इस विचार गोष्ठी का संचालन डॉ. रशीद ग़ौरी ने किया।

Rj22 news

Written by Rj22 news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पाली में विवाहिता फंदे पर लटकी मिली, पति पर परेशान करने के आरोप- दो बच्चों की मां ने उठाया खौफनाक कदम, परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग।

सोजत: हिंदी भाषा नैतिक,सामाजिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की संवाहक है- सुरेश ओझा।