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श्रीमाली ब्राह्मण समाज स्वर लहर सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समां बांधा।

अखिल भारत वर्षीय श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था पुष्कर, शिक्षा एवं चिकित्सा संस्थान आरोग्य भवन और श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज जोधपुर के तत्वावधान में मारवाड़ इंटरनेशनल आडिटोरियम में शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘स्वर लहर’ प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक राजेन्द्र दवे डीटीओ ने बताया कि श्रीमाली ब्राह्मण समाज के इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से आए प्रतिभागियों ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को एक से बढ़कर एक गीतों से मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया इसके पश्चात् अस्मी श्रीमाली ने कथक नृत्य से आगाज़ किया उसके बाद नन्ही कलाकार उर्जीता व्यास ने दिल तो है दिल…उर्वी शर्मा ने वो तेरे मेरे इश्क का…हरलीन त्रिवेदी ने पाने की तमन्ना… कुलदीप त्रिवेदी ने किसी की मुस्कुराहटों पे हो… अशोक जोशी ने जीवन से भरी तेरी आंखें रुद्रप्रताप दवे ने हम तेरे शहर… कोमल अवस्थी ने मोह मोह के धागे… प्रदीप दवे ने मेरे मीतवा… प्रियंका शर्मा ने ऐरी सखी मंगल… धर्मेंद्र बोहरा ने ये दिल ना होता बेचारा… चेतन प्रकाश शर्मा ने यारी है ईमान मेरा सुना कर खूब तालियां बटोरीं प्रशान्त दवे ने ओ ओ जाने जाना… राधिका दवे ने लग जा गले… उदित श्रीमाली ने ओ मेरी महबूबा…प्रियल श्रीमाली ने लंबी जुदाई… जबकि गौरांग दवे का गाया रुक जा ओ दिल दीवाने…ने श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।

समाज के मंत्री नरेंद्र राज बोहरा ने बताया कि कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि न्यायाधिपति चन्द्र प्रकाश श्रीमाली,प्रो. डॉ सुनीता श्रीमाली उच्च शिक्षा विभाग, डॉ लता श्रीमाली निदेशक राजस्थान संस्कृत अकादमी, महेन्द्र बोहरा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमाली ब्राह्मण समाज, विशाल दवे उपायुक्त जीएसटी, पुष्कर संस्था के पूर्व अध्यक्ष भीकालाल बोहरा, चिरंजी लाल दवे, उद्योगपति सत्यनारायण श्रीमाली,पूर्व विधायिका मनीषा पंवार, कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष ओमकार वर्मा आदि उपस्थित रहें।

फणींद्र श्रीमाली ने आज इबादत…यश श्रीमाली ने पर्दा है पर्दा… समरवीर ने दिल की तपिश… जितेन्द्र ओझा ने पग घुंघरू… लीसा ओझा ने मेरे ढोलना… नीतेश ठाकुर ने संदेश आते हैं…राघव बोहरा ने ये लाल इश्क अजय दवे ने पल पल दिल के पास… काजल ओझा ने माई हार्ट…विभा ओझा ने मन क्यूं बहका… रमन लाल त्रिवेदी ने जब दीप जलें आना… मुकुल ओझा ने ना कजरे की… अशोक व्यास ने दोस्त दोस्त ना रहा… ईशान दवे ने माई तेरी…महेश जोशी ने मुसाफिर हूं यारों से दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया।

उद्घोषक दीन दयाल शर्मा और नम्रता दवे ने कार्यक्रम को एकता के सूत्र में पिरोकर रखा।

इस अवसर पर हरिद्वार संस्थान के अध्यक्ष रमेश घोष, फूलनारायण आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार त्रिवेदी सहित क्षेत्रीय इकाईयों के अध्यक्ष सचिव और सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद थे।

समापन पर समस्त प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।

Akram Khan

Written by Akram Khan

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