पाली। शहर की पॉश कॉलोनी आशापुरा टाउनशिप (जोधपुर रोड) में बुधवार शाम एक ही परिवार के तीन सदस्यों—मां और दो बेटों—के मृत मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घर दो दिन से बंद था, जिसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे पुलिस और परिजनों ने यह दर्दनाक मंजर देखा।

घर के अंदर मिला भयावह दृश्य…
बड़े बेटे नरपत लाल (34) का शव पंखे से लटका मिला, जबकि मां शांति देवी (59) और छोटे बेटे रघुवीर (26) फर्श पर पड़े मिले। तीनों को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
नोट और जहर की बोतल मिली…
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट और जहर की बोतल भी मिली है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहा था।
डीएसपी सिटी मदन सिंह ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
बीमारी से जूझ रहा था बड़ा बेटा…
परिजनों के अनुसार, नरपत लाल की तबीयत काफी समय से खराब थी। उसके शरीर पर घाव और संक्रमण की समस्या थी, जिसके चलते उसने करीब 8 महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी। वह लगातार इलाज कराने की बात कर रहा था और अपने परिचितों से अस्पताल ले जाने के लिए कह रहा था।
आखिरी कॉल और अधूरी मुलाकात…
मौसेरे भाई लक्ष्मण ने बताया कि 8 अप्रैल को नरपत ने फोन कर अस्पताल ले जाने की बात कही थी। वहीं पड़ोसी ने भी बताया कि नरपत ने उसे शाम को घर आने के लिए कहा था और फोन न करने, सीधे दरवाजा खटखटाने को कहा था।
लेकिन जब अगले दिन घर पहुंचे, तो दरवाजा बंद मिला। पुलिस को बुलाकर दरवाजा तुड़वाया गया, तब घटना का खुलासा हुआ।
परिवार पहले ही झेल चुका था बड़ा सदमा…
करीब दो साल पहले पिता मांगीलाल की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिवार में मां और दोनों बेटे ही रह गए थे। मां भी बीमार रहती थीं, जिससे परिवार लगातार तनाव में था।
पुलिस जांच जारी…
औद्योगिक नगर थाना प्रभारी निर्मा बिश्नोई ने बताया कि मौके से दो मोबाइल, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मिले हैं। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

