पाली। शहर के धर्मपुरा स्थित दरगाह शरीफ का सालाना उर्स अकीदत और पूरे जोशो-खरोश के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर दरगाह परिसर में रूहानी माहौल देखने को मिला, जहाँ न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि सभी धर्मों के लोगों ने शिरकत कर कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की।
रूहानी आगाज और नातिया कलाम
कार्यक्रम का आगाज तिलावत-ए-कुरान और नातिया प्रोग्राम से किया गया। इसमें **हाफिज मोहम्मद जावेद, मौलाना इदरीस रजा** और **मौलाना हाफिज यूसुफ साहब** ने अपनी खूबसूरत आवाज में बारगाह-ए-रिसालत में नजराने पेश किए। विशेष आकर्षण ‘बुलबुले राजस्थान’ के नाम से मशहूर **हाजी मोहम्मद शरीफ साहब** रहे, जिन्होंने अपनी मशहूर नातों से समां बांध दिया और जायरीन को झूमने पर मजबूर कर दिया।
एंकरिंग: जाहिद गौरी ने अपनी कुशल एंकरिंग से अंत तक जायरीनो का उत्साह बनाए रखा।
कव्वाली की शानदार रात
नातिया प्रोग्राम के बाद मशहूर कव्वाल **हिफजुर्रहमान** ने कव्वाली का शानदार प्रोग्राम पेश किया। उन्होंने अपनी सूफियाना गायकी से उर्स में आए जायरीन का दिल जीत लिया और देर रात तक महफिल को रौनक बख्शी।
पुनर्निर्माण में जन-भागीदारी
दरगाह कमेटी की ओर से **सूफी नूर बाबा** का शानदार इस्तकबाल (स्वागत) **महबूब भाई तंवर** द्वारा किया गया। वर्तमान में दरगाह शरीफ के पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर अपना आर्थिक और शारीरिक सहयोग दिया।
नूरानी इंतजामिया कमेटी की सक्रियता
उर्स की तमाम व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने में **नूरानी इंतजामिया कमेटी** का मुख्य योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान कमेटी सदर **रोशन तंवर**, नायब सदर **निसार अहमद सिलावट**, सेक्रेट्री इंसाफ तंवर, मोहम्मद भाई सिलावट, राजू भाई बन्ना, अन्नू मॉयल, राजू भाई लाइट, फारुख भाटी, शौकीन मॉयल, आरिफ हबीबी, शाकिर तंवर और सद्दाम तंवर सहित कई सेवादार मुस्तैद रहे।
