सोजत। स्थानीय वाटर वर्क्स रोड पर आयोजित “गीतों भरी शाम” कार्यक्रम ने शहर के संगीतप्रेमियों को यादगार संध्या का उपहार दिया। इस सुरीले आयोजन में हिंदी फिल्म संगीत के दिग्गज गायकों—मुकेश, किशोर कुमार, महेन्द्र कपूर और लता मंगेशकर—को उनके अमर गीतों के माध्यम से श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य महेन्द्र मेहता ने मुकेश के लोकप्रिय गीत “मुबारक हो तुमको ये समां सुहाना” और “चांद सी महबूबा हो मेरी” प्रस्तुत कर समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को पुराने दौर की यादों में डुबो दिया।
पेंटर दलपत ने लता मंगेशकर के गीतों को अपनी आवाज़ में प्रस्तुत कर माहौल को भावुक बना दिया, वहीं गीतकार एवं संवाद लेखक ने “तू कितनी अच्छी है” और किशोर कुमार का मशहूर गीत “जिंदगी एक सफर है सुहाना” सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। उन्होंने शोले फिल्म के चर्चित संवाद भी सुनाए, जिससे दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विनीत राय भटनागर ने मुकेश के “ओ रे ताल मिले” और “एक प्यार का नगमा है” जैसे सदाबहार गीतों से महफिल को और रंगीन बना दिया। वहीं अशोक गहलोत ने वीर-ज़ारा फिल्म का लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का संचालन चेतन व्यास ने रोचक अंदाज में किया। उन्होंने फिल्मों पर आधारित प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का लगाया। सामूहिक प्रस्तुतियों में “सुहाना सफर ये मौसम हसीं” सहित कई गीत गूंजे, जिनमें उपस्थित लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ नागरिक महेश गहलोत एवं अध्यक्षता कर रहे महेन्द्र मेहता ने आईएफडब्ल्यूजे उपखंड अध्यक्ष कैलाश गहलोत का सम्मान किया। कार्यक्रम में मदन गहलोत, महावीर गहलोत, हरीश गहलोत सहित बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत की स्वर्णिम विरासत को सहेजने का एक सुंदर प्रयास भी साबित हुआ।


