सोजत। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोजत की अदालत ने चैक अनादरण (धारा 138 एन.आई. एक्ट) के एक 11 वर्ष पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राजेश सांखला को दोषमुक्त कर दिया। यह निर्णय मंगलवार को सुश्री साधना सिंह द्वारा सुनाया गया।
अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता गजेन्द्र सोनी ने पैरवी की।
मामले के अनुसार परिवादी प्रकाशचंद पुत्र रामचन्द्र भाटी, निवासी सोजत सिटी ने अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया था कि उनकी फर्म “प्रकाश लाइम स्टोन” ने मुलजिम की फर्म “श्री दरियाव इंडस्ट्रीज” को कच्चा लाइम स्टोन सप्लाई किया था। इसके एवज में करीब 5 लाख रुपए की बकाया राशि के भुगतान हेतु मुलजिम द्वारा जारी किए गए चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित हो गए।
चेक बाउंस होने के बाद परिवादी ने विधिक नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं होने पर मामला अदालत में दायर किया गया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 138 एन.आई. एक्ट में संज्ञान लेते हुए उसे तलब किया।
ट्रायल के दौरान परिवादी ने स्वयं साक्ष्य प्रस्तुत कर अपने बयान दर्ज कराए, वहीं आरोपी ने आरोपों से इनकार करते हुए मुकदमे की सुनवाई जारी रखने की मांग की। दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने विभिन्न न्यायिक आधारों पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।

