सोजत सिटी।श्री मरुधर केसरी गुरु सेवा समिति के तत्वावधान में ‘शासन स्थापना दिवस’ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यह गरिमामय आयोजन जैन संतों—प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज, उपप्रवर्तक अमृत मुनि महाराज, महेश मुनि महाराज, अखिलेश मुनि महाराज एवं डॉ. वरुण मुनि महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ।

इस पावन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रवर्तक सुकन मुनि महाराज ने शासन स्थापना दिवस के मर्म पर विस्तृत प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आज ही के दिन चरम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने चतुर्विध संघ (साधु, साध्वी, श्रावक, श्राविका) की स्थापना कर धर्म तीर्थ का प्रवर्तन किया था। उन्होंने फरमाया कि भगवान महावीर का यह शासन केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि प्राणी मात्र के कल्याण का मार्ग है।
अहिंसा, संयम और तप ही इस शासन के मूल स्तंभ हैं। आज के भौतिकवादी युग में आत्मा की शांति और विश्व के कल्याण के लिए प्रभु वीर के सिद्धांतों और वीतराग वाणी को अपने जीवन में उतारना अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में उपप्रवर्तक अमृत मुनि महाराज ने अपने सारगर्भित प्रवचन में कहा कि शासन स्थापना दिवस हमें अपने आध्यात्मिक कर्तव्यों का बोध कराता है।
उन्होंने गुरुभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी इस महान शासन के अंग हैं और इसकी मर्यादा को बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चारित्र के मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
मुनि श्री ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को व्यसनों से मुक्त होकर एक आदर्श, परोपकारी और धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा दी।
आयोजन में गुरु सेवा समिति के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान मुख्य रूप से समिति के संगठन मंत्री मंगल चंद मुणोत, सहमंत्री विकास धोका, समाजसेवी पदम धोका, कैलाश अखावत, राहुल गांधी, रविन्द्र गुप्ता, सुरेश बलाई, तिलोक बांठिया, अरविंद संचेती, मोहित गुप्ता, कैलाश जांगिड़, विनीत बलाई, मुकेश जैन, सहित जैन श्राविका महिला मंडल के साथ अनेक गुरुभक्त उपस्थित रहे और संतों के मुखारविंद से मंगल पाठ श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विकास धोखा ने बताया कि गुरुदेव श्री का ग्रीष्मकालीन प्रवास गुरु सेवा समिति के तत्वावधान में ही रहेगा।


