सोजत। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, लेखन एवं दैनिक जीवन में हिंदी के निरंतर प्रयोग के प्रति समर्पित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामस्वरूप भटनागर को बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति (पंजी.) की ओर से ‘हिंदी हितैषी सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया गया।
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में बुलंदी संस्था के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय कवि बादल बाजपुरी तथा संस्था के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार पंकज शर्मा ने डॉ. भटनागर को सम्मान प्रदान किया। हिंदी भाषा के प्रति उनके निरंतर लेखन, साहित्यिक योगदान तथा दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों को देखते हुए यह सम्मान दिया गया।
बुलंदी संस्था का हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान रहा है। संस्था द्वारा वर्ष 2021 में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए 207 घंटे का अनवरत साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद वर्ष 2022 में 400 घंटे का अंतरराष्ट्रीय वर्च्युअल कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें विश्व के 45 देशों के हिंदी कवियों ने सहभागिता की। संस्था के अनुसार यह आयोजन इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। वहीं वर्ष 2024 में 65 देशों की सहभागिता के साथ 270 घंटे का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया, जिसे हावर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड, लंदन में दर्ज किया गया।
डॉ. रामस्वरूप भटनागर को मिले इस सम्मान पर क्षेत्र के साहित्यकारों, समाजसेवियों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रबुद्धजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। साथ ही हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति समर्पित प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार जताया।


