सोजत। वरिष्ठ नागरिक समिति के तत्वावधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा ने की। मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
शिक्षाविद् महेंद्र मेहता ने कहा कि 2 अक्टूबर महात्मा गांधी के जन्मदिवस के साथ अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी महत्वपूर्ण है। इसी दिन जन्मे लाल बहादुर शास्त्री ने अपने ‘जय जवान-जय किसान’ के संदेश से देश को नई प्रेरणा दी।
समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा ने दोनों महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, वहीं शास्त्रीजी ने सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया।
वरिष्ठ पत्रकार चेतन व्यास ने कहा कि गांधीजी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के राष्ट्रीय सेवा में योगदान को भी अमर बताया।
समिति सचिव डॉ. रशीद गौरी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कविता के माध्यम से दोनों महापुरुषों को नमन किया। शिक्षाविद् केसाराम माहेश ने गांधीजी और शास्त्रीजी के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का आह्वान किया। सत्यनारायण गोयल एवं अशोक सेन ने भी दोनों महापुरुषों के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर देवीलाल सांखला, प्रभुराम रांगी सहित वरिष्ठ एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सत्यनारायण गोयल ने आभार व्यक्त किया।


