सोजत। ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत मंगलवार को सोजत उपखंड प्रभारी पुखसिंह राजपुरोहित रूंदिया ने सोजत शहर सहित आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर गो भक्तों से संपर्क किया और हस्ताक्षर अभियान के समर्थन में जनसहभागिता सुनिश्चित की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अभियान से जुड़कर अपनी सहमति जताई।

सोजत की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से चेतन व्यास ने अभियान को पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण और संवर्धन भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए समाज को इस दिशा में एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
अभियान के तहत प्रमुख मांगों में गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने, गो रक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाने तथा देशभर में गौ हत्या पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही गोबर और गोमूत्र के वैज्ञानिक महत्व को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुसंधान एवं विश्वविद्यालय स्थापित करने का आग्रह किया गया है।
अभियान में यह भी मांग उठाई गई कि गौ आधारित उत्पादों—दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र—को बढ़ावा देने हेतु सरकार प्रभावी नीतियां बनाए। साथ ही गोबर व गोमूत्र से जुड़े प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित करने और नए अनुसंधान को बढ़ावा देने की बात कही गई।
इसके अलावा रासायनिक कृषि पर नियंत्रण कर गौ आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, सरकारी भवनों एवं चिकित्सालयों में गोबर पेंट और ‘गौनाइल’ के उपयोग को अनिवार्य करने, तथा आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में पंचगव्य औषधियों का निःशुल्क वितरण सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
अभियान के अंतर्गत यह सुझाव भी दिया गया कि गोबर-गोमूत्र आधारित उद्योगों को स्थापित करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाए और भूमि आवंटन के साथ गौ सेवा से जुड़ा कम से कम एक कार्य अनिवार्य किया जाए। वहीं, सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में भोग, आरती और प्रसाद में देशी गाय के दूध, दही और घी के उपयोग को अनिवार्य करने की मांग भी शामिल है।
अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन मांगों के माध्यम से गौ संरक्षण को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।


