जयपुर/पाली। मुकद्दस सफर-ए-हज 2026 का आगाज हो चुका है और राजस्थान के हज यात्रियों की रवानगी का सिलसिला जोरों पर है। इस पाक सफर पर जाने वाले जायरीन की सहूलियत के लिए जयपुर स्थित हज हाउस में खिदमतगारों का जोश देखते ही बन रहा है। पाली जिले के स्टेट हज कमेटी ट्रेनर आमीन अली रंगरेज और खिदमतगार अमजद अली अल्फ़ाज़ ने जयपुर हज हाउस में तीन दिवसीय विशेष सेवाएं देकर इंसानियत और अकीदत की मिसाल पेश की है।
हवाई अड्डे पर हुआ इस्तकबाल
आमीन अली रंगरेज ने पाली सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हाजियों का जयपुर एयरपोर्ट पर गुलपोशी (फूलों की माला पहनाकर) कर गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। उन्होंने अल्लाह के मेहमानों से वतन की खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआओं की दरख्वास्त की।
कागजी कार्रवाई से लेकर लगेज तक में मदद
खिदमत के दौरान रंगरेज और उनकी टीम ने हाजियों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए:
इंक्वायरी डेस्क: जायरीन को सफर से जुड़ी जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराईं।
दस्तावेज जांच: पासपोर्ट रिपोर्टिंग और कागजातों की बारीकी से जांच में मदद की।
लॉजिस्टिक्स: हाजियों को बसों के जरिए एयरपोर्ट पहुंचाने और वहां इमिग्रेशन व लगेज की व्यवस्था संभालने में सक्रिय भूमिका निभाई।
“चेहरों की मुस्कान ही सबसे बड़ा इनाम”
इस मौके पर आमीन अली रंगरेज ने भावुक होते हुए कहा, “हज यात्रियों की खिदमत करना हमारे लिए सआदत (सौभाग्य) और फख्र की बात है। हाजियों के चेहरों पर इत्मीनान और मुस्कान देखना ही हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम है।” खिदमतगार अमजद अली अल्फ़ाज़ ने भी पूरी मुस्तैदी के साथ यात्रियों की रवानगी में हाथ बंटाया। उन्होंने सभी हाजियों के सुरक्षित सफर और मबरूर हज के लिए दुआएं मांगी।


