पाली, राजस्थान: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को पाली में एक बड़ा झटका लगा है। भ्रष्टाचार और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की पूरी ज़िला इकाई ने सामूहिक रूप से इस्तीफ़ा दे दिया है। ज़िला अध्यक्ष आसिफ़ ख़ान सिलावट के नेतृत्व में 15 से ज़्यादा पदाधिकारियों ने प्रदेश नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला?
इस्तीफ़ा देने वाले पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि 22 जून, 2025 को जयपुर में हुई एक बैठक के दौरान, एक ज़िला प्रभारी द्वारा पार्टी टिकट के लिए पैसे मांगने की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग पेश की गई थी। हालांकि, उनके अनुसार, पार्टी के उच्च नेतृत्व ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की और इसे नज़रअंदाज़ कर दिया।
इस्तीफ़ा पत्र में यह भी बताया गया है कि प्रदेश उपाध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने यहां तक कह दिया कि “पार्टी टिकट के लिए पैसे लेगी, अगर पैसे नहीं लेगी तो पार्टी कैसे चलेगी।” पदाधिकारियों ने इस कदम को पार्टी की मूल विचारधारा और ईमानदार कार्यकर्ताओं के साथ धोखा बताया है।
किस-किस ने दिया इस्तीफ़ा?
इस सामूहिक इस्तीफ़े में ज़िला अध्यक्ष आसिफ़ ख़ान सिलावट, विधानसभा अध्यक्ष गुलाम हुसैन सर, शहर अध्यक्ष निज़ाम सोढा सिन्धी, विधानसभा उपाध्यक्ष मोहम्मद अयूब सुलेमानी, विधानसभा महासचिव नदीम कुरैशी और ज़िला महासचिव फ़िरोज सामरिया सहित 15 से अधिक प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं।

इन सभी ने साफ़ कर दिया है कि वे भविष्य में भी समाज की सेवा करते रहेंगे लेकिन भ्रष्टाचार और ग़लत नीतियों का समर्थन नहीं करेंगे।
