पाली। कहते हैं बेटियां आज किसी से कम नहीं, पाली जिले की 21 वर्षीय बेटी ने इसकी मिसाल पेश की है। उसने अपने पिता को जीवनदान देने के लिए अपना 60% लिवर दान कर दिया।

बेटी ने कहा – “मुझे पापा का साथ पूरी लाइफ चाहिए था और इसके लिए मैं किसी भी कीमत पर जाने को तैयार थी। लिवर का क्या है? अभी मैं 21 साल की हूं, डॉक्टर कहते हैं कि 3 महीने में यह फिर से डेवलप हो जाएगा।”
जानकारी के अनुसार, पिता की गंभीर हालत को देखते हुए परिवार ने लिवर ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया। बेटी की हिम्मत और डॉक्टरों की मेहनत से 15 घंटे चले लंबे ऑपरेशन के बाद पिता की जान बचाई जा सकी। फिलहाल दोनों स्वस्थ हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि लिवर इंसान का एकमात्र ऐसा अंग है जो समय के साथ फिर से विकसित हो जाता है। बेटी का साहस और पिता के प्रति समर्पण समाज के लिए प्रेरणा है।


