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पाली पहुंचे जर्मनी सहित तीन देशों के प्रतिनिधिमंडल, स्थानीय बाजारों व व्यंजनों से हुए प्रभावित,लिया समोसे और हलवे का स्वाद।

पाली। राजस्थान के ऐतिहासिक शहर पाली ने एक बार फिर अपनी समृद्ध संस्कृति और मेहमाननवाज़ी से विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया। जर्मनी सहित तीन देशों के एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में पाली शहर का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने न केवल शहर के प्रमुख इलाकों और बाजारों का भ्रमण किया, बल्कि यहां की पारंपरिक जीवनशैली, खानपान और सांस्कृतिक विरासत को भी नज़दीक से जाना।

प्रतिनिधिमंडल ने पाली के व्यस्त और रंग-बिरंगे स्थानीय बाजारों का भ्रमण किया, जहां कपड़ा, हस्तशिल्प, पारंपरिक आभूषण और रोजमर्रा सहित मिठाइयों से सजी सामान की दुकानों ने उन्हें खासा आकर्षित किया।

बाजारों की रौनक, दुकानदारों की मिलनसारिता और स्थानीय लोगों की सरलता ने विदेशी मेहमानों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पाली के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद लिया। समोसे और हलवे जैसे देसी पकवानों का स्वाद चखने के बाद उन्होंने भारतीय खानपान की खुले दिल से प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि मसालों का संतुलन और स्वाद की विविधता भारतीय भोजन को खास बनाती है।

पाली के इतिहास और संस्कृति पर चर्चा करते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने शहर की प्राचीन धरोहरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पाली का इतिहास अत्यंत समृद्ध है और यहां की सांस्कृतिक विविधता देखने लायक है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “यहां का इतिहास और कल्चर, सबकुछ एमेजिंग (अद्भुत) है।”

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी माना कि पाली जैसे शहर भारत की असली आत्मा को दर्शाते हैं, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों द्वारा किए गए स्वागत और व्यवस्थाओं की भी उन्होंने सराहना की।

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