पाली, 13 जनवरी 2026। **“मनरेगा बचाओ संग्राम महाअभियान”** के तहत पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में मनरेगा श्रमिकों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पाली जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में बाला, डेण्डा व कुरना सहित विभिन्न गांवों में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व पाली जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने किया। संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिक, ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने कहा कि मनरेगा योजना में किए जा रहे बदलाव मजदूरों के अधिकारों का सीधा हनन हैं। मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार है, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा किए गए बदलावों से मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस की प्रमुख मांगें रखते हुए काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी और जवाबदेही की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही मनरेगा में किए गए सभी बदलावों को तत्काल वापस लेने, काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली और न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन करने की जोरदार मांग की।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जोगाराम सोलंकी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और धीरे-धीरे खत्म करने का आरोप लगाया तथा कहा कि कांग्रेस मजदूरों और गरीबों के हक की आवाज लगातार उठाती रहेगी।
समाजसेवी कन्हैयालाल परिहार ने मनरेगा को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास गरीबों के साथ अन्याय है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जोगाराम सोलंकी, भारत कुमार, भारत सिंह पाटवी, सुरेश परिहार, राजाराम मेघवाल, धीराराम मीणा, पन्नालाल, आदाराम मीणा, मांगूसिंह भोमिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता एवं मनरेगा श्रमिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।


