राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पांच दिन में दूसरी बार मंगलवार को प्रदेश के सीकर समेत चार जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि जयपुर सहित 12 जिलों में रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान बिजली गिरने की घटनाओं में सीकर और कोटा में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई।

मौसम की मार से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कोटा के रामगंज मंडी क्षेत्र में तेज बारिश के चलते लाखों रुपए की धनिया की फसल पानी में बह गई। मंडी में रखी फसल की बोरियां पानी में डूब गईं, जिनमें से कई बह भी गईं। खेतों और मंडियों में जलभराव से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, कोटा, सवाई माधोपुर, सीकर, अलवर, हनुमानगढ़ और चूरू सहित कई जिलों में बारिश हुई। वहीं नीम का थाना (सीकर), रैणी (अलवर), नोहर (हनुमानगढ़) और मंडाना (कोटा) में 5 से 10 मिनट तक ओले गिरे।

सीकर में खेत में काम कर रही 40 वर्षीय महिला पर बिजली गिर गई, जिससे उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं कोटा के मंडाना क्षेत्र में भी 25 वर्षीय युवक की बिजली गिरने से जान चली गई। अलवर के राजगढ़ में बिजली गिरने से एक मकान की दीवार टूट गई और घर के कई इलेक्ट्रिक उपकरण जल गए।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश में ठंड और बढ़ गई है। 28 और 29 जनवरी को कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने और सर्द हवाएं चलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि 31 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रदेश में फिर से बादल छा सकते हैं और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।
