सोजत (धाकड़ी) | पंचायत मुख्यालय धाकड़ी में आस्था और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ पिछले 70 वर्षों से चली आ रही गौरवशाली परंपरा को निभाते हुए वैशाख कृष्ण पक्ष सप्तमी के अवसर पर शीतला माता मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले में जहाँ एक ओर भक्ति का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक लोक नृत्यों ने ग्रामीणों का मन मोह लिया।
शाही गैर और पारंपरिक वेशभूषा का आकर्षण
मेले का मुख्य आकर्षण गांव की प्रसिद्ध ‘शाही गैर’ रही। शीतला माता मंदिर के प्रांगण में पारंपरिक वेशभूषा से सुसज्जित युवाओं और बुजुर्गों ने जब ढोल की थाप पर नृत्य पेश किया, तो पूरा वातावरण उत्साह से भर गया। इस पारंपरिक नृत्य को देखने के लिए धाकड़ी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग जुटे।
हायर सेकेंडरी स्कूल तक सजा बाजार
शीतला माता मंदिर से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूल तक सड़क के दोनों किनारों पर सजी दुकानों और स्टॉलों पर दिनभर भारी भीड़ रही। मेलार्थियों ने जमकर खरीदारी की और खान-पान का आनंद लिया। बच्चों के लिए खिलौने और महिलाओं के लिए श्रृंगार की वस्तुओं की दुकानों पर खासी रौनक दिखाई दी।

सुरक्षा और सहयोग की मिसाल
मेले के सफल आयोजन में शिवपुरा पुलिस की सतर्कता सराहनीय रही। साथ ही, गांव के युवा वर्ग ने स्वयंसेवकों के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया, जिससे इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहीं।


