मारवाड़ जंक्शन (पाली)। अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर होने वाले बाल विवाहों की रोकथाम के लिए पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ के जिला समन्वयक अमन कुमार वैष्णव के निर्देशन में कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास और आरपीएफ (RPF) केंद्र पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

शपथ और शिक्षा का संगम
जीएसवीएस टीम के सदस्य हरिराम और खेरूनीसा ने उपस्थित लोगों और बालिकाओं को संबोधित करते हुए कानूनी आयु (लड़की 18 वर्ष और लड़का 21 वर्ष) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी घातक है। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने और इसके विरुद्ध आवाज उठाने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
रेलवे स्टेशन पर चला जन-जागरूकता अभियान
संस्था ने आरपीएफ मारवाड़ जंक्शन के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को जागरूक किया। इस दौरान यात्रियों को पैम्फलेट और संवाद के माध्यम से समझाया गया कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव, अध्यापक धीरज नगरिया, वार्डन कुसुम, आरपीएफ एसआई रामभरोसी मीणा, कांस्टेबल रामदेव सहित जीएसवीएस टीम के सदस्य मौजूद रहे।

