पुष्कर। अखिल भारत वर्षीय श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था के तत्वावधान में मातेश्वरी महालक्ष्मी का 110वां पाटोत्सव 28 और 29 अप्रैल को श्रद्धा, उत्साह और भव्य आयोजन के साथ मनाया जाएगा। दो दिवसीय इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामाजिक सरोकारों की झलक भी देखने को मिलेगी।
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र बोहरा और सचिव ब्रजमोहन व्यास ने बताया कि समाज की आराध्या मातेश्वरी महालक्ष्मी के इस ऐतिहासिक पाटोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाने की व्यापक तैयारियां की गई हैं।
पहले दिन धार्मिक अनुष्ठान और सम्मान समारोह…
28 अप्रैल को प्रातःकाल महालक्ष्मी पूजन एवं यज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद दोपहर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, खेलकूद और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
रात्रि में महिला मंडल द्वारा कुलदेवी का पारंपरिक रातीजोगा आयोजित किया जाएगा, जो भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहेगा।
संस्था के प्रचार-प्रसार मंत्री नरेंद्र राज बोहरा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभाओं, भामाशाहों और विभिन्न क्षेत्रों में समाज का नाम रोशन करने वालों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
दूसरे दिन शोभायात्रा और 1008 कमल पुष्प अर्पण…
29 अप्रैल को ध्वजारोहण और शंकराचार्य पूजन के बाद मुख्य बाजार में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
इसके पश्चात बड़ी बस्ती स्थित महालक्ष्मी मंदिर में बेंगलुरु से विशेष रूप से मंगवाए गए 1008 कमल पुष्पों से मां महालक्ष्मी का विशेष पूजन किया जाएगा।
अंतिम सत्र में महाआरती और प्रसादी वितरण के साथ यह दो दिवसीय भव्य आयोजन संपन्न होगा।
यह पाटोत्सव न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज की एकजुटता, परंपरा और प्रतिभाओं के सम्मान का भी बड़ा मंच बनकर उभरता है।


