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नगर पालिका सभागार में जनगणना 2027 का प्रशिक्षण शुरू, समावेशी विकास और विकसित भारत हेतु सटीक आंकड़ा एक्त्रीकरण अतिआवश्यक — अचल सिंह गुर्जर।

सोजत। जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों का तीन दिवसीय प्रथम प्रशिक्षण बैच बुधवार को नगर पालिका सभागार में शुरू हुआ।

प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नगरीय जनगणना अधिकारी एवं ईओ अचल सिंह गुर्जर ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना होगी। इसका मुख्य उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, समावेशी विकास और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करना है। उन्होंने बताया कि यह 16वीं जनगणना पारंपरिक कागजी प्रक्रिया को समाप्त कर मोबाइल ऐप और स्वयं-गणना के माध्यम से तेज़ व सटीक डेटा संग्रह सुनिश्चित करेगी।

प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर व्याख्याता हनुवंत सिंह बारहठ एवं उप-प्रधानाचार्य ओमप्रकाश लोहार ने डिजिटल उपकरणों के जरिए पीपीटी प्रस्तुत कर प्रतिभागियों को जानकारी दी। हनुवंत सिंह बारहठ ने जनगणना की मूल अवधारणाओं, परिभाषाओं तथा प्रगणक और पर्यवेक्षक की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही 1 मई से शुरू होने वाली स्वयं-गणना प्रक्रिया के प्रति अधिकाधिक जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

वहीं, ओमप्रकाश लोहार ने मकान सूचीकरण ब्लॉक के सीमांकन, ग्राउंड लेआउट मैप तैयार करने और हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) ऐप की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

प्रथम दिवस के सत्र में कुल 31 प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों ने भाग लेकर मकान सूचीकरण और गणना प्रक्रिया की बारीकियों को समझा।

इस अवसर पर उप नगरीय जनगणना अधिकारी हितेश सोनी, कपिल देव, सद्दाम हुसैन, ऋषि टांक सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।

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Written by Rj22 news

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