सोजत रोड । ग्राम सवराड निवासी एक बुज़ुर्ग व्यक्ति घीसाराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या बताया है। परिजनों का आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के ज़रिये उनकी ज़मीन हड़प ली और विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक के पुत्र बुधाराम सवराड ने पुलिस थाना सोजत रोड में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने धारा 108 आत्महत्या के लिए प्रेरित करना एवं 189 दो में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की उनके पिता घीसाराम पिछले 6 महीने से मानसिक रूप से परेशान थे। फरवरी 2025 में अभियुक्तगण — धमेंन्द्र पुत्र वेदप्रकाश ब्राह्मण, चुन्नीला पुत्र नेमाराम चौधरी, हिम्मतसिंह पुत्र नेनसिंह, और अन्य ने बुज़ुर्ग को पेंशन का झांसा देकर घर से रजिस्ट्री ऑफिस मारवाड़ ले जाकर ज़बरन आममुख्तयार, वसीयत व अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए।
परिजनों का दावा है कि इन दस्तावेजों के माध्यम से अवैध रूप से ज़मीन हड़प ली गई, और जब उन्होंने इस धोखाधड़ी के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दी, तो कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। उल्टे उन्हें धमकियां दी जाने लगीं।
घटना के दिन, 16 अगस्त को घीसाराम अपने घर में अकेले थे। सुबह बेटे ने खेत पर जाने से पहले उन्हें ठीक-ठाक हालत में छोड़ा था, लेकिन शाम को जब उनकी पत्नी वापस आई तो देखा कि वह कमरे की चौखट पर लटके हुए मिले, गले में बिजली के तार लिपटे हुए थे। मृतक की हालत देखकर परिजनों को संदेह है कि यह हत्या कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश है, क्योंकि मृतक चलने-फिरने में असमर्थ थे और खुद से फंदा नहीं लगा सकते थे।
परिजनों ने बताया कि मृतक के नाम सवराड में खसरा संख्या 613, 615, 616, 617, 6 की ज़मीन थी, जिसे हड़पने के लिए योजनाबद्ध साजिश रची गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियुक्तों ने आधार कार्ड तक में छेड़छाड़ कर अपने मोबाइल नंबर दर्ज करवाए थे, और दस्तावेजों पर बिना मुआवजा दिए रजिस्ट्री करवा ली।
परिजनों की मांग है कि इस संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, अभियुक्तों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पूर्व दर्ज मुकदमे में भी ठोस कार्रवाई की जाए।


