पाली। ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाने के लिए रेलवे तीन स्तरों पर काम कर रहा है।
इलेक्ट्रिफिकेशन और ट्रैक सुधार के बाद अब रेलवे लाइन के दोनों ओर सीमेंटेड पोल लगाए जा रहे हैं। इस परियोजना के पूरा होने पर पाली से जोधपुर की दूरी महज 1 घंटा 5 मिनट में तय हो सकेगी, जिससे मौजूदा समय की तुलना में करीब 40 मिनट की बचत होगी।
रेलवे ने वर्ष 2021 में जोधपुर से मारवाड़ जंक्शन के बीच पूरे रूट पर इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य पूरा किया। इसके बाद 2024 में हाई-स्पीड ट्रैक बिछाए गए और ट्रायल के तौर पर वंदे भारत ट्रेन भी चलाई गई। हालांकि, ट्रैक पर पशुओं और लोगों के आ जाने से हादसों की आशंका बढ़ी। पहले लकड़ी और बांस की बैरिकेडिंग की गई, लेकिन वह 5–6 महीने में ही क्षतिग्रस्त हो गई।
अब 70 करोड़ का प्रोजेक्ट..
हादसों पर रोक और ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने ट्रैक के दोनों ओर सीमेंटेड पोल लगाने का फैसला किया है। इसके लिए 70 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। रेलवे के पीआरओ पुरुषोत्तम ने बताया कि फुलेरा से मारवाड़ जंक्शन के बीच 356 किमी रेलवे ट्रैक को सुरक्षित किया जाएगा। पोलिंग का काम लूणी जंक्शन से आगे रोहट तक पहुंच चुका है। लूणी से मारवाड़ जंक्शन के बीच 54 किमी में की गई बांस की बैरिकेडिंग को हटाया जा रहा है।
पिछली घटनाओं से बढ़ी सतर्कता
2 अगस्त 2025 को माउंट आबू–फालना के बीच मोरी बेड़ा में 120 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रही ट्रेन के सामने अचानक दो ऊंट आ गए। दोनों कट गए, हालांकि ट्रेन पटरी से नहीं उतरी। घटना के कारण ट्रेन करीब 20 मिनट लेट हुई।
23 अगस्त 2024 को जवाई बांध स्टेशन से 4 किमी दूर बदमाशों ने वंदे भारत ट्रेन को डीरेल करने की साजिश के तहत ट्रैक पर 5 किलो का सीमेंटेड कंक्रीट ब्लॉक रख दिया। ट्रेन उससे टकराई, आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ और ट्रेन 10 मिनट देरी से चली।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सीमेंटेड पोलिंग से ट्रैक पर अवैध प्रवेश रुकेगा, पशु दुर्घटनाओं में कमी आएगी और हाई-स्पीड ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित व समयबद्ध हो

