जयपुर। राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ ने उदयपुर जिले में मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भ्रूण लिंग परीक्षण के अवैध धंधे का पर्दाफाश किया है।
डिकॉय ऑपरेशन के दौरान एक महिला दलाल सहित एक चिकित्सक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जबकि 30 हजार रुपये की अवैध राशि भी बरामद की गई है। मामले में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान जारी है।
अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव ने बताया कि सूचना मिली थी कि उदयपुर व आसपास के क्षेत्रों में दलालों और चिकित्सकों का एक गिरोह भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त है। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हेमन्त जाखड़ के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक श्रीमती मंजू मीणा के नेतृत्व में डिकॉय टीम गठित कर उदयपुर भेजी गई।
डॉ. यादव के अनुसार उदयपुर निवासी महिला दलाल पूजा सागर ने 7 जनवरी को डिकॉय गर्भवती महिला को महाराणा भूपाल अस्पताल के सामने 35 हजार रुपये लेकर बुलाया।
इसके बाद उसे निजी अमर आशीष अस्पताल एवं टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर की संचालक डॉ. नीना सक्सेना से मिलवाया गया। बाद में धरा डायनोस्टिक सेंटर पर ढाई हजार रुपये की रसीद कटवाकर सोनोग्राफी कराई गई और रिपोर्ट, फिल्म व रेफरल स्लिप लेकर पुनः अमर आशीष अस्पताल पहुंचे।
वहां डॉ. नीना सक्सेना ने गर्भवती महिला से 30 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग की जानकारी दी। तय इशारा मिलते ही डिकॉय टीम ने अस्पताल में कार्रवाई करते हुए डॉ. नीना सक्सेना को राशि सहित गिरफ्तार कर लिया। साथ ही महिला दलाल पूजा सागर को भी हिरासत में ले लिया गया।
परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी डॉ. राकेश मीना ने बताया कि डिकॉय ऑपरेशन के बाद पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। राज्य पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


