पाली, राजस्थान: 9 नवंबर 2025 को मुस्लिम मुसाफिर खाना हॉल में मुस्लिम वक्फ शहर कमेटी के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के ‘उम्मीद’ पोर्टल पर जिले की सभी वक्फ संपत्तियों के अनिवार्य पंजीकरण को गति देना था।
अध्यक्ष हाजी मौहम्मद सलीम एम.डी. की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले भर से वक्फ संपत्तियों के मुखिया और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कमेटी ने ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकरण की ट्रेनिंग लेकर लौटे अपने चार प्रशिक्षित सदस्यों (मोहम्मद इमरान, मौहम्मद शरीफ़, मौईनूद्दीन छीपा, और अश्फाक मेव) की मौजूदगी में वक्फ संपत्तियों को जल्द से जल्द ऑनलाइन दर्ज कराने की प्रक्रिया और महत्व पर विस्तार से जानकारी साझा की।

🛠️ पंजीकरण में मिलेगी विशेष सहायता
कमेटी ने संपत्तियों के पंजीकरण में मदद के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की: मुस्लिम मुसाफिर खाना, पाली के रूम नंबर 36 में अगले 20 दिनों तक कमेटी के प्रशिक्षित एक्सपर्ट्स रात को नमाज़-ए-इशा के बाद उपस्थित रहेंगे। यह पहल जिले के तमाम वक्फ संपत्तियों के ज़िम्मेदारों को ‘उम्मीद’ पोर्टल (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development) पर अपनी संपत्ति का विवरण, जियो-टैगिंग के साथ, समय पर दर्ज कराने में मदद करेगी।

पहली बार सार्वजनिक हुआ 20 साल का लेखा-जोखा
वक्फ शहर कमेटी ने इस बैठक में पारदर्शिता की एक नई मिसाल कायम करते हुए, अपने कार्यकाल का ही नहीं, बल्कि पिछली कमेटी से प्राप्त 20 वर्षों का संपूर्ण लेखा-जोखा (हिसाब-किताब) भी सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया।
वित्तीय मुख्य बिंदु:
* कुल प्राप्त राशि: ₹7,98,505/-
(पुरानी कमेटी से प्राप्त ₹1,98,000/- सहित)।
* कुल खर्च: ₹2,14,853/-
(कब्रिस्तान में निर्माण, रंग-रोगन, फीस जमा करने सहित)।
* वर्तमान बैंक बैलेंस: ₹5,83,652/-।
* मासिक किराये में वृद्धि: पुरानी कमेटी का मासिक किराया ₹9,557/- था, जिसे नई कमेटी ने सर्वसम्मति से बढ़ाकर ₹23,000/- किया है।

कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि यह कदम मुस्लिम समाज की संपत्तियों की देखरेख में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उनकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। बैठक में उपस्थित सैकड़ों लोगों ने कमेटी की इस पहल की सराहना की।
📢 प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस बैठक में सेक्रेटरी बाबू भाई मोयल, कैशियर अकरम भाई खैरादी, मोहम्मद साबिर जोया, अरबाज खान अज्जू, मुस्ताक गौरी, इमरान खिलजी, निजाम सोढ़ा, APCR लीगल स्टेट कार्डिनेटर कल्बे़ मौहम्मद और हाजी मोहम्मद यासीन मुब्लिक मय टीम के साथ मौहम्मद रज्जाक चढ़वा, गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही, जिन्होंने समाज के लिए इस डिजिटल कदम के महत्व पर जोर दिया।


