पाली। बांगड़ हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड में 16 सितंबर को मरीज की भर्ती पर्ची पर सील लगाने की बात को लेकर दो डॉक्टर आपस में उलझ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ को बीच-बचाव करना पड़ा। मामला मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल तक पहुंचा, जहां जांच के बाद फैमिली मेडिसिन विभाग के रेजिडेंट डॉ. आरिफ को निलंबित कर दिया गया।
घटना सुबह करीब 10:30 से 11:15 बजे के बीच की बताई जा रही है। जनरल मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिनेश सीरवी ने रेजिडेंट डॉ. आरिफ से मरीज की भर्ती पर्ची भरकर उस पर स्टाम्प लगाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर नर्सिंग स्टाफ और अन्य डॉक्टरों ने बीच-बचाव किया और स्थिति को संभाला।
डॉ. सीरवी ने मामले की लिखित शिकायत की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. आरिफ ने निर्देश मानने से इंकार किया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उनका कहना था कि बिना सील और हिस्ट्री लिखे चिरंजीवी योजना में मरीज का रजिस्ट्रेशन संभव नहीं था।
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई, जिसमें डॉ. एमएल लोहिया, डॉ. ओपी सुथार और डॉ. प्रवीण गर्ग शामिल थे। रिपोर्ट में पाया गया कि रेजिडेंट डॉक्टर ने सीनियर के साथ अनुशासनहीनता की। इसके आधार पर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दिलीप सिंह ने 19 सितंबर को डॉ. आरिफ को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 16 नवंबर 2024 को पेडियाट्रिक विभाग की ओपीडी में वेट मशीन को लेकर दो डॉक्टरों में झगड़ा हुआ था।


