पाली। जिले के सोमेसर कस्बे में भामाशाहों के सहयोग से भागीरथी गौ सेवा संस्थान की ओर से 26 अप्रैल को एक भव्य सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
इस आयोजन में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 108 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधेंगे। खास बात यह है कि वर-वधु पक्ष को विवाह पर किसी भी प्रकार का आर्थिक खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
संस्थान की ओर से भामाशाहों के सहयोग से विवाह से जुड़ी समस्त व्यवस्थाएं की जाएंगी। इच्छुक परिवार 26 मार्च तक पाली के सरदारसमंद रोड स्थित भागीरथी गौ सेवा संस्थान आश्रम में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके साथ ही सरकार की ओर से सामूहिक विवाह सम्मेलन में दिए जाने वाले उपहार अनुदान के लिए भी संस्थान द्वारा आवेदन किया जाएगा, जिसकी राशि सीधे वर-वधु के बैंक खाते में जमा होगी।
महंगाई के दौर में जरूरतमंदों को संबल
संस्थान से जुड़े संत मनोहर दास ने बताया कि महंगाई के इस दौर में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए समाज के ऐसे परिवारों को संबल देने के उद्देश्य से इस सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में सनातन धर्म से जुड़े सभी वर्गों के परिवार अपनी बेटियों के विवाह के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं।
उपहार में घरेलू सामान, दूल्हों को मिलेगा हेलमेट
विवाह समारोह में नवविवाहित वधुओं को उपहार स्वरूप पलंग, अलमारी सहित घरेलू उपयोग का सामान, बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की जाएगी, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकें। वहीं सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी 108 दूल्हों को हेलमेट भी उपहार में दिया जाएगा, जिससे यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का संदेश समाज में जाए।
15 से 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था..
सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन की एक और खास बात यह रहेगी कि आयोजन के दिन करीब 15 से 20 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी।
वर-वधु पक्ष अपने साथ जितने चाहें उतने मेहमान ला सकेंगे। आयोजन स्थल पर 108 वर और 108 वधु पक्ष के लिए अलग-अलग टेंटों में कमरे बनाए जाएंगे। साथ ही दो भोजनशालाएं होंगी—एक में अतिथियों और संतों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था रहेगी।
आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में सहयोग, समरसता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

