जयपुर। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। पहले दिन अभिभाषण के बाद सदन में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी, इसके पश्चात कार्यवाही स्थगित रहेगी। सत्र के दौरान होने वाले समस्त कार्यों की रूपरेखा तय करने के लिए कार्य सलाहकार समिति की बैठक आयोजित होगी।
इस बार बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर लगभग 28 फरवरी तक चलेगा, जिसमें करीब 20 बैठकें होने की संभावना है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद सरकार अपना जवाब देगी और इसके पश्चात लगभग एक सप्ताह का अवकाश प्रस्तावित है। इसके बाद 11 फरवरी को राज्य का बजट सदन में पेश किया जाएगा।
बजट सत्र में सरकार कई अहम विधेयक लाने की तैयारी में है, जिनमें डिस्टर्ब एरिया एक्ट, पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों से जुड़े संशोधन विधेयक प्रमुख हैं। सरकार पंचायतीराज और नगरपालिका कानूनों में संशोधन कर दो बच्चों की बाध्यता हटाने का प्रस्ताव भी सदन में रख सकती है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है।
सत्र को शांतिपूर्ण और मर्यादित ढंग से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक रफीक खान सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
उधर, बजट सत्र से पहले आज शाम मुख्यमंत्री आवास पर बीजेपी विधायक दल की बैठक भी आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, प्रमुख मुद्दों और विपक्ष के संभावित सवालों का जवाब देने पर चर्चा की जाएगी। कुल मिलाकर, बजट सत्र को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है और सदन में तीखी बहस के आसार नजर आ रहे हैं।

