in ,

राजस्थान: रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिलेगा रोडवेज बसों में दो दिन फ्री सफर का तोहफा, राजस्थान में 9 और 10 अगस्त को लागू होगी योजना, करीब 8.5 लाख महिलाओं को होगा लाभ।

जयपुर। राजस्थान सरकार ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं को खास तोहफा देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 9 और 10 अगस्त 2025 को राज्य की रोडवेज बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह योजना राजस्थान राज्य की सीमा के भीतर संचालित सभी श्रेणियों की साधारण (नॉन-एसी) बसों पर लागू होगी।

राजस्थान रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं और बालिकाओं को किसी प्रकार का किराया नहीं देना होगा, लेकिन उन्हें पहचान पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखने होंगे। योजना के लिए परिवहन विभाग से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मांगी गई है।

एसी, वोल्वो और ऑल इंडिया परमिट बसें योजना से बाहर

वातानुकूलित (एसी), वोल्वो और अन्य राज्यों में संचालित ऑल इंडिया परमिट बसों को इस योजना से बाहर रखा गया है। योजना केवल राजस्थान की सीमा के भीतर लागू रहेगी।

14 करोड़ रुपये तक का अनुमानित वित्तीय भार

प्रबंध निदेशक शर्मा ने बताया कि इस योजना से लगभग 8.5 लाख महिलाओं और बालिकाओं को फायदा होगा और इसका वित्तीय भार करीब 14 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान की थी घोषणा

मुख्यमंत्री ने जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित ‘मुख्यमंत्री संग रक्षाबंधन – आंगनबाड़ी बहनों का सम्मान’ कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि “सावन का महीना बहनों के लिए प्रेम और उल्लास लेकर आता है। हर बहन चाहती है कि वह अपने भाई के घर जाकर रक्षाबंधन मनाए, इसलिए राज्य सरकार ने यह सुविधा देने का निर्णय लिया है।”

इस निर्णय से एक ओर जहाँ महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं सामाजिक रिश्तों में मजबूती और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी भावना भी झलकेगी।

Rj22 news

Written by Rj22 news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजस्थान में विधायकों की सैलरी बढ़ी: बेसिक वेतन में 10% इजाफा, अब हर माह मिलेंगे इतने लाख रुपये.?

पाली: पुलिस ने 1540 किलो अवैध मादक पदार्थ जलाकर किया नष्ट, लाखों की कीमत का माल कोर्ट के आदेश पर किया गया निस्तारण।