in

बॉलीवुड के बादशाह का बेमिसाल सफर: शाहरुख

सिनेमा के सबसे बड़े नाम, शाहरुख खान, जो आज भी दिलों पर राज करते हैं।

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान का सफर सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे शख्स की कहानी है जिसने दुनिया भर के लाखों दिलों पर राज किया। 2 नवंबर 1965 को दिल्ली में जन्मे शाहरुख ने अपनी अदाकारी से भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

करियर की शुरुआत और सफलता
अपने करियर की शुरुआत 80 के दशक में टीवी धारावाहिकों ‘फौजी’ और ‘सर्कस’ से करने वाले शाहरुख ने 1992 में फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा। शुरुआत में उन्होंने ‘डर’ और ‘बाजीगर’ जैसी फिल्मों में नकारात्मक (विलेन) भूमिकाएं निभाकर दर्शकों को चौंका दिया। लेकिन 1995 की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने उन्हें ‘रोमांस के बादशाह’ के रूप में स्थापित कर दिया।


जीवन के संघर्ष और परिवार
कम उम्र में अपने माता-पिता को खोने के बाद शाहरुख ने मुंबई का रुख किया और खुद को पूरी तरह से अभिनय के लिए समर्पित कर दिया। उनकी पत्नी गौरी खान हैं और उनके तीन बच्चे हैं: आर्यन, सुहाना और अबराम। उनका परिवार उनके करियर का एक मजबूत स्तंभ रहा है।


दुनिया भर में किंग खान का स्टारडम
शाहरुख का स्टारडम अतुलनीय है। उनकी लोकप्रियता भारत की सीमाओं से परे है और पूरी दुनिया में फैली हुई है। उनके फैंस की संख्या अरबों में है, जो उनकी एक्टिंग, स्टाइल और व्यक्तित्व के दीवाने हैं।


* आर्थिक सफलता: शाहरुख दुनिया के सबसे अमीर अभिनेताओं में से एक हैं। उनकी कमाई का स्रोत फिल्में, उनका प्रोडक्शन हाउस ‘रेड चिलीज एंटरटेनमेंट’, ब्रांड एंडोर्समेंट और आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) है।

* पुरस्कार और सम्मान: उन्हें कई फिल्मफेयर पुरस्कारों और भारत सरकार द्वारा 2005 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
शाहरुख की फिल्में और आने वाले प्रोजेक्ट्स
अपने 32 साल के करियर में उन्होंने 76 से ज्यादा फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई है। उनकी कुछ आगामी फिल्मों में ‘किंग’ (2025 में अपेक्षित), ‘टाइगर वर्सेस पठान’ (2027 में अपेक्षित), और ‘ऑपरेशन खुकरी’ शामिल हैं।

विदेशों में भी किंग का जलवा
शाहरुख की विदेशों में प्रसिद्धि किसी और भारतीय कलाकार से कहीं ज्यादा है। उनकी फिल्में उत्तरी अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व के बाजारों में भी सफल होती हैं। उनकी वैश्विक लोकप्रियता का एक और प्रमाण यह है कि दुबई में उनके नाम पर एक सड़क का नाम भी रखा गया है।

Jahid Gouri

Written by Jahid Gouri

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

श्रमदान कर वार्ड वासियों ने उठाया क़दम चले समस्या समाधान करने

अंजुमन सीरतुन्नबी की बैठक: ईद मिलादुन्नबी ﷺ की तैयारियों की समीक्षा