जैसलमेर। जिला पुलिस जैसलमेर के जांबाज कानिस्टेबल खीमसिंह ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना एक युवक की जान बचाकर अनुकरणीय मिसाल पेश की है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को अभय कमांड सेंटर, जैसलमेर पर सूचना मिली कि गांव चान्दन में एक महिला के साथ उसका पति मारपीट कर रहा है। इस पर जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के आदेशानुसार पुलिस चौकी चान्दन में पदस्थापित कानिस्टेबल खीमसिंह को मौके पर भेजा गया।
खीमसिंह मौके पर पहुंचे तो पति-पत्नी आपस में झगड़ा कर रहे थे। इसी दौरान पति राधेश्याम सोनी ने अचानक पास में रखी तेजाब की बोतल उठाकर उसे पीने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कानिस्टेबल खीमसिंह ने तुरंत बोतल छीनने का प्रयास किया। छीना-झपटी के दौरान खीमसिंह के दोनों हाथों और वर्दी पर तेजाब गिर गया, जिससे वे झुलस गए।
इसके बावजूद खीमसिंह ने अपनी परवाह किए बिना तेजाब की बोतल को छीनकर राधेश्याम सोनी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जैसलमेर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में दोनों का उपचार जारी है।
कानिस्टेबल खीमसिंह का यह साहसिक कदम राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य “सेवार्थ कटिबद्धता” को चरितार्थ करता है। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा से पूरे जिले में पुलिस की छवि और अधिक सशक्त हुई है।


