जोधपुर। दंताला शरीफ दरगाह पर हजरत सैय्यद सुल्तानशाह जीलानी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स मुबारक अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। मुस्लिम युवा कमेटी सिवाना के नेतृत्व में सिवाना से दरगाह तक चादर शरीफ का जुलूस निकाला गया। जायरिन ने दरगाह पर चादर व फूल पेश कर देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआएं मांगी।

रात को नमाज-ए-इशा के बाद महफिले-मिलाद आयोजित हुई, जिसमें शहजादए गौस-ए-आजम सय्यद अताउल्लाह शाह जीलानी ने समाज में शिक्षा के महत्व व नमाज की पाबंदी पर बयान दिया। प्रो. मौलाना सय्यद सिकंदर अली शाह जीलानी ने खतीब-ए-अहले सुन्नत के रूप में तकरीर पेश की, जबकि हाजी मोहम्मद शरीफ साहब ने नातों से समां बांध दिया।
देर रात महफिले-कव्वाली में लखनऊ के मशहूर कव्वाल कमर वारसी ने “नूरे मोहम्मद सल्ललाह… हक इल्लाह इल्लाह..” सहित कई कलाम पेश किए। इरफान तुफैल एंड पार्टी ने भी रंग जमाया।
उर्स के दौरान बिजली-पानी, चिकित्सा, लंगर और बैठने की व्यवस्था की गई। पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर, जोधपुर, गुजरात, नागौर, जैसलमेर सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों जायरिन शरीक हुए। देर रात सुबह 4 बजे उर्स समापन की घोषणा की गई।


