अजमेर। आनासागर झील के किनारे स्थित 11.64 करोड़ की लागत से बना सेवन वंडर्स पार्क अब इतिहास बन गया। शुक्रवार को नगर निगम की टीमों ने प्रशासनिक अमले और जेसीबी मशीनों की मदद से पार्क में बने विश्वप्रसिद्ध स्मारकों की प्रतिकृतियों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। यह पार्क अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया था, जिसका उद्घाटन वर्ष 2022 में हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट ने छह माह पहले इस पार्क के निर्माण को वेटलैंड नियमों का उल्लंघन करार देते हुए इसे हटाने का आदेश दिया था और 17 सितंबर 2025 तक की समयसीमा दी थी। इसी आदेश की पालना में यह कार्रवाई की जा रही है।
दुनिया के 7 अजूबों की झलक
इस पार्क में ताजमहल, एफिल टावर, पीसा की मीनार, गीजा का पिरामिड, रोम का कोलोजियम और रियो डी जेनेरियो का क्राइस्ट द रिडीमर जैसी प्रतिकृतियां बनाई गई थीं। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को मार्च 2025 में पहले ही हटा दिया गया था। यह पार्क पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया था। यहां शादियों और फोटोशूट का भी चलन बढ़ गया था।
शिकायत और कानूनी लड़ाई
अजमेर निवासी अशोक मलिक ने 2023 में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में याचिका दायर कर पार्क को अवैध ठहराने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि यह पार्क करोड़ों रुपये की सार्वजनिक राशि से बनाया गया है और झील के डूब क्षेत्र में होने से पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करता है। सुनवाई के बाद न्यायालय ने इसे हटाने का आदेश दिया था।
अब नगर निगम और जिला प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना करते हुए पार्क को चरणबद्ध तरीके से ध्वस्त कर रहा है।


